कबीर सागर | ज्ञान प्रकाश – 7 | पारख का अंग

‘‘कबीर परमेश्वर जी की काल से वार्ता’’ जब परमेश्वर ने सर्व ब्रह्मण्डों की रचना की और अपने लोक में विश्राम करने लगे। उसके बाद हम...

कबीर सागर | ज्ञान प्रकाश – 4 | पारख का अंग

प्रश्न (धर्मदास):- हे जिन्दा! आप नाराज न होना। मेरे मन में एक शंका है कि क्या भगवान विष्णु जी की भक्ति अच्छी नहीं? उत्तर (जिन्दा...